0 November, 2009 16:15;00हरमेल प्रीतFont size: 107देश में बीटी बैंगन की व्यापारिक खेती की अनुमति की सिफारिश करने वाले विशेषज्ञ कमेटी के फैसले की स्वतंत्रता व इमानदारी को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा उठाई जा रही शंकाओं को और भी बल मिला जब कमेटी के चेयरमैन ने यह स्वीकार किया कि उन्होने यह फैसला बीटी बैंगन निर्माता कंपनी के दबाव में लिया। यह खुलासा मशहूर जैव वैज्ञानिक पुष्प भार्गव ने किया है. जानकारी के मुताबिक भारत में जीई तकनीक के पितामह डा पुष्पा भार्गव जिन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा जीईएसी का सदस्य नियुक्त किया गया है, ने बताया कि 14 अक्तूबर 2009 को विशेषज्ञ समिति द्वारा बीटी बैंगन को मान्यता दिए जाने से कोई दो सप्ताह पूर्व विशेषज्ञ कमेटी के प्रमुख प्रो. अजुला रामचंद्र रेड्डी ने उन्होंने फोन पर बताया था कि बीटी बैंगन को मान्यता देने के लिए निर्माता कंपनी का दबाव तो था ही वहीं जीईएस







